Career as एयर होस्टेस या फ्लाइट स्टीवर्ड

ओपन एयर पॉलिसी के बाद निजी विमान सेवाओं की संख्या बराबर बढ़ रही है। साथ ही विदेशी विमान सेवाएं भी भारत में अपनी फ्लाइट्स की संख्या में वृद्धि कर रही हैं। इस कारण एयर होस्टेस/फ्लाइट स्टीवर्ड के साथ इस क्षेत्र में ग्राउंड स्टाफ के लिए भी बेहतर संभावनाएं उभरी हैं।

देश ही नहीं विदेश में भी आना-जाना, वह भी हवाई जहाज से। साथ में भरपूर पैसा और हर तरह के लोगों से इंटरैक्ट करने का मौका। इतना ही नहीं परिवार के लिए फ्री हवाई यात्रा जैसी सुविधा आपको मिले तो क्या यह मौका हाथ से जाने देंगे? शायद नहीं लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आप मृदुभाषी हों, धैर्यवान हों, जोखिम के क्षणों में आपा खोने वाले न हों ,साथ ही आपमें मुस्कुराते हुए हर किसी की मदद करने में आगे आने का गुण हो। क्या आपमें है यह क्षमता? यदि हां तो आप अपना भविष्य केबिन क्रू के रूप में संवार सकते हैं। जी हां, यहां बात की जा रही है एयर होस्टेस/फ्लाइट स्टीवर्ड की।

आपका सवाल हो सकता है कि केबिन क्रू आखिर होता क्या है? केबिन क्रू के पुरुष सदस्य को फ्लाइट स्टीवर्ड तथा महिला सदस्य को एयर होस्टेस कहा जाता है। दोनों के कार्य समान ही होते हैं। हवाई जहाज में सफर करने वाले प्रत्येक यात्री की देखभाल केबिन क्रू के जिम्मे होती है। यह जिम्मेदारी यात्री के विमान में कदम रखते ही शुरू हो जाती है और यात्रा समाप्ति तक रहती है। मुस्कुराते हुए यात्रियों का स्वागत करना और उन्हें उनकी सीट तक पहुंचाना, सीट की बेल्ट को कब और कैसे बांधना और कब खोलना है, जैसी चीजें इन्हीं की जिम्मेदारी में शामिल होती हैं। इतना ही नहीं, आपात समय सुरक्षा सामग्री मुहैया कराने और यात्रा से संबंधित जानकारी भी यही क्रू के सदस्य देते हैं। यात्रा के दौरान भोजन, जलपान के अलावा चाय, कॉफी, चॉकलेट, टॉफी या ड्रिंक एक खास अंदाज में सर्व करने का कार्य भी इन्हें करना होता है।

प्रशिक्षण
एयर होस्टेस या फ्लाइट स्टीवर्ड बनने के लिए वैसे किसी प्रशिक्षण की बाध्यता नहीं है। 10+2 के बाद आप किसी भी एयर लाइंस में आवेदन कर सकते हैं। विभिन्न एयर लाइंस अपनी रिक्तियों से संबंधित विज्ञापन समाचार पत्रों में देती रहती हैं। अभ्यर्थियों के कद तथा आयु संबंधी मानक निर्धारित हैं। लड़कियों का न्यूनतम कद 5 फुट 2 इंच तथा आयु 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। फ्लाइट स्टीवर्ड बनने के लिए लड़कों का कद 5 फुट 7 इंच तथा आयु 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके साथ बेहतर संवाद क्षमता, अच्छी पर्सनैल्टी तथा सर्विस एटीटयूड होना काफी महत्वपूर्ण होता है। एयर लाइंस द्वारा लिए जाने वाले इंटरव्यू तथा प्रवेश परीक्षा में इन्हीं बातों की जांच होती है।

उपरोक्त क्षमताओं के विकास के लिए कई संस्थानों द्वारा प्रशिक्षण पाठयक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इस पाठयक्रमों के दौरान बेहतर संप्रेषण क्षमता और दूसरों को संतुष्ट करने की कला विशेष रूप से सिखाई जाती है। इसके अलावा विमान में कैबिन क्रू के तकनीकी कामों की जानकारी भी विस्तार से दी जाती है। इसके तहत अंग्रेजी तथा एक विदेशी भाषा का ज्ञान कराया जाता है। यात्रा के दौरान भोजन, जलपान तथा रहन-सहन की जरूरतों को पूरा करने के लिए केटरिंग का प्रशिक्षण दिया जाता है, इससे पाठयक्रम के बाद एयर होस्टेस के अलावा होटल उद्योग तथा पर्यटन के क्षेत्र में भी अच्छे पदों पर कार्य किया जा सकता है। इसके साथ-साथ फ्लाइट प्रोसीजर, उड्डयन शिष्टाचार, कस्टमर केयर, उड्डयन तकनीकी, विमान सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचारों का भी ज्ञान कराया जाता है। दुर्घटना तथा आपात स्थिति के दौरान यात्रा की सुरक्षा के विषय में व्यावहारिक जानकारी दी जाती है। विमान किराया तथा टिकटिंग के विषय में भी बताया जाता है। ऐसी ट्रेनिंग के बाद कई एयर लाइंस प्रवेश में वरीयता देती हैं।

कोर्स
अधिकतर संस्थानों में यह पाठयक्रम डिप्लोमा इन एविएशन, हॉस्पिटैलिटी एंड टै्रवल मैनेजमेंट के नाम से संचालित है। अवधि एक से डेढ़ वर्ष के बीच होती है। योग्यता 10+2 है।

प्रवेश प्रक्रिया
एयर होस्टेस प्रवेश परीक्षा मुख्यत: चार चरणों में होती है। पहले चरण में इंटरव्यू के माध्यम से व्यक्तित्व परीक्षण होता है। इसके बाद लिखित परीक्षा होती है, जिसमें अंग्रेजी, गणित तथा सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। लिखित परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को ग्रुप डिस्कशन एवं पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इसमें सफल होने के बाद अभ्यर्थी को ट्रेनी केबिन क्रू के रूप में नियुक्त किया जाता है।

संभावनाएं: एविएशन क्षेत्र में संभावनाओं का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश की सभी एयर लाइंस अपने विमानों की संख्या में वृद्धि करने की तैयारी कर रहीं हैं। एक आकलन के अनुसार इंडियन एयर लाइंस के पास जहां 62 विमान है वहीं वह 53 और विमान खरीदने की तैयारी में है। इसी तरह से एयर डेक्कन विमानों की संख्या करीब तीन गुनी, किंग फिशर 2 से 48 और स्पाइसजेट 2 से 20 करने को उतावली है। देश में कुछ अन्य निजी विमान सेवाएं जैसे इंडीगो, मैजिक एयर, गोएयर, पैरामाउंट इस या अगले वर्ष से अपनी सेवाएं देने की तैयारी में हैं।

एयर होस्टेस एकेडमी की प्रमुख सलाहकार सपना गुप्ता का कहना है कि देश में पहले एयर इंडिया और इंडियन एयर लाइंस दो ही विमान सेवाएं हुआ करती थीं लेकिन ओपन एयर पॉलिसी के बाद निजी विमान सेवाओं की संख्या बराबर बढ़ रही है। विदेश की विमान सेवाएं भी भारत में अपनी फ्लाइट्स की संख्या में वृद्धि कर रही हैं। इस कारण न केवल एयर होस्टेस/फ्लाइट स्टीवर्ड के लिए बल्कि ग्राउंड स्टाफ के लिए भी बेहतर संभावनाएं हैं। एविएशन के अलावा हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल इंडस्ट्री में भी बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं। लेकिन उन लोगों को इस क्षेत्र में आने का लोभ नहीं करना चाहिए जो खुद को बदलने को तैयार न हों। विमान की उड़ान के दौरान पूरे समय खड़े रहना और विभिन्न तरह के यात्रियों का सामना करना आसान नहीं होता। परिस्थिति कुछ भी हो, मुस्कुराते ही रहना होता है। कनोई एकेडमी ऑफ ट्रैवल के नई दिल्ली स्थित चीफ ऑपरेटिंग आफिसर विजय चढ्डा का कहना है कि उड्डयन क्षेत्र में एयर टिकटिंग के अलावा होटलों व कॉरपोरेट ऑफिसों में फ्रंट लाइन जॉब के तमाम अवसर मौजूद हैं।

संस्थान
एयर होस्टेस एकेडमी
48, रिंग रोड, लाजपतनगर पार्ट-3 नई दिल्ली फोन- 011-29832771-75
फ्रैंकफिन इंस्टीटयूट ऑफ एयर होस्टेस ट्रेनिंग
बेस्ट बिल्डिंग, ए विंग, चौथी मंजिल, एसवी रोड, अंधेरी रेलवे स्टेशन के सामने, अंधेरी (पश्चिम), मुंबई फोन: 022-26706039
दिल्ली ब्रांच : 011-26266800, 011-255170644 वेबसाइट-www.frankfinn. com
कनोई एकेडमी ऑफ ट्रैवल
1002-1003, नई दिल्ली हाउस, 27 बाराखंभा रोड, नई दिल्ली फोन: 011-23736268
पैसफिक एयरवेज
पॉकेट जीएच, 6/35 पश्चिम विहार, नई दिल्ली फोन: 5576463
इंस्टीटयूट ऑफ कैरियर स्टडीज
नई दिल्ली वाईएमसीए, 1 जय सिंह मार्ग, नई दिल्ली फोन: 23360501 यवेबसाइट: www.ymcanewdelhi.org
एयर होस्टेस ट्रेनी एकेडमी
पी-33 साउथ एक्सटेंशन, पार्ट-2, नई दिल्ली फोन: 26250805
टीएमआई एकेडमी ऑफ ट्रैवल मैनेजमेंट एंड ट्रेनिंग इंस्टीटयूट
18/1 कुतुब इंस्टीटयूशनल एरिया, अरुणा आसिफ अली मार्ग, शहीद भवन, दिल्ली फोन: 55677366

इंडस्ट्री का है पीक पीरियड
ओपन स्काई पॉलिसी के कारण निजी विमान कंपनियों ने उड्डयन क्षेत्र में तेजी से पांव पसारे। यही कारण है कि एयर होस्टेस, फ्लाइट स्टीवर्ड व हॉस्पिटैलिटी मैनेजरों की आज भारी मांग है। यह कहना है फ्रैंकफिन इंस्टीटयूट आफ एयर होस्टेस ट्रेनिंग के चेयरमैन के. एस. कोहली का। फ्रैंकफिन के 34 शहरों में 54 केंद्र हैं और उसकी दुबई में भी केंद्र खोलने की योजना है। श्री कोहली से इस क्षेत्र में संभावनाओं व अन्य मुद्दों पर बातचीत की गई। प्रस्तुत है मुख्य अंश-

इस क्षेत्र में अवसर कैसे हैं?
उड्डयन तथा पर्यटन क्षेत्र तेजी से फैल रहा है। देश में नई विमान सेवाओं ने अपनी सेवाएं शुरू की हैं। कई विदेशी एयर लाइंस यहां से अपनी नई उड़ाने शुरू कर रही हैं। लो कॉस्ट एयर लाइंस बाजार में उतर चुके हैं जिससे संभावना ही संभावना है। आने वाले पांच सालों में इंडस्ट्री में करीब 21 हजार और अवसर होने की उम्मीद की जा रही है। एविएशन इंडस्ट्री आज 16.3 बिलियन की है, जिसके 2010 तक 51 बिलियन तक पहुंचने की संभावना है। इंडस्ट्री का एक तरह से यह पीक पीरियड है।

एयर होस्टेस के लिए क्या किसी विदेशी भाषा का ज्ञान जरूरी है?
यह कोई अनिवार्यता नहीं है। फ्लाइट की जरूरतों को मुताबिक यह तय होता है। यहां बता दें कि केरल से कतर जाने वाली फ्लाइट के लिए मलयालम तो नई दिल्ली से लंदन जाने वाली फ्लाइट के लिए पंजाबी को वरीयता दी जाती है। इसी तरह अन्य विमान सेवाओं की जरूरतों के अनुसार भाषा का ज्ञान जरूरी हो जाता है।

आपके अनुसार एक कुशल एयर होस्टेस बनने के लिए क्या गुण होने चाहिए?
सबसे बड़ी बात यह होती है कि उसे गुस्से वाला स्वभाव का नहीं होना चाहिए। विमान में हर तरह के स्वभाव वाले यात्रियों का सामना करना होता है। इसलिए जरूरी है कि खुद पर संयम रखने वाला, शांत स्वभाव वाला, मुस्कुराने वाला चेहरा, कस्टमर सर्विग, लीडरशिप क्वालिटी जैसे गुण होने चाहिए। एक खास बात यहां और कहना चाहूंगा कि एयर होस्टेस कैरियर के लिए माना जाता है कि अति सुंदर युवतियां ही इस जॉब में आ सकती हैं। जबकि यहां सुंदरता के मायने केवल फेयर कांपलेक्शन से ही है।

अपने संस्थान के बारे में बताएंगे?
फ्रैंकलिन इंस्टीटयूट के बारे में बता दूं कि संस्थान ने छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए वास्तविक एयर बस ए-300 लीज पर लिया है। यह संस्थान के नारायणा केंद्र पर है और संस्थान इस विमान के अंदर 30 घंटे का प्रशिक्षण देता है। विश्व के किसी अन्य संस्थान के पास इस तरह की सुविधा नहीं है। संस्थान एक साल का एविएशन, हॉस्पिटैलिटी एंड ट्रैवल मैनेजमेंट में डिप्लोमा उपलब्ध कराता है। हमने कोर्स को इस तरह से प्लान किया है जिससे हमारे छात्र इन तीनों क्षेत्रों में बेहतर भविष्य बना सकें। 2009 में हम खुद की एयर लाइन-एयर फ्रैंकफिन ला रहे हैं।

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