हो धैर्य, प्लानिंग और रिस्क स्टॉक मार्केट में हो जाएं फिक्स

share market tips and tutorialsकिसी भी देश का स्टॉक मार्केट यानी शेयर बाजार वहां की अर्थव्यवस्था की नब्ज होता है। निवेशकों के लिए इसमें अगर रिस्क है, तो पैसा भी खूब और खूब है। इसमें ब्रोकर के अलावा और किस-किस तरह के काम हैं और इसके लिए क्या योग्यता चाहिए-आइए जानते हैं..

शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव की खबरें आप अखबारों-समाचारों में प्राय: रोज सुनते-देखते होंगे। आए दिन इसमें उछाल की खबरें आती रहती हैं। पर कभी-कभी शेयर मार्केट अचानक गोता भी मार लेता है और लाखों-करोड़ों निवेशक व कारोबारी सड़क पर आ जाते हैं। पर ऐसा हर दिन नहीं होता। आमतौर पर साख वाली कंपनियों के शेयरों के भाव ऊपर ही चढ़ते हैं। शेयरों में निवेश के फायदे देख इसमें पैसा लगाने के लिए आपका भी मन मचलता होगा, लेकिन इस मार्केट की ए बी सी डी.. न जानने के कारण आप इस दिशा में कदम बढ़ाने का साहस नहीं जुटा पाते। पर क्या आप जानते हैं कि इस मार्केट में केवल शेयर खरीदने-बेचने का माध्यम बनने वाले ब्रोकर ही नहीं होते, बल्कि लगातार बढ़ते बाजार के कारण इसमें विभिन्न प्रकार के जॉब्स की बेहतर संभावनाएं भी सामने आई हैं।
दरअसल, गैर-पारंपरिक करियर के क्षेत्र में यह लोगों को खूब लुभा रहा है। बाजार में सेंसेक्स की ऊंचाई की भांति इसमें भी करियर उड़ान भर रहा है। देशी-विदेशी निवेशकों की लगातार बढ़ती तादाद के कारण शेयर बाजार का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसी स्थिति में यह स्वाभाविक ही है कि जब बाजार बढ़ रहा है, तो इसमें विभिन्न तरह का काम करने वालों की आवश्यकता भी होगी। अब ऑनलाइन कारोबार होने के कारण एक जगह बैठे-बैठे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के किसी भी स्टॉक मार्केट में डीलिंग की जा सकती है।
हैं असीम अवसर
शेयर मार्केट में कई तरह के जॉब हैं। यहां कुशल और प्रशिक्षित युवाओं की जबरदस्त मांग है। इकोनॉमिस्ट, अकाउंटेंट, फाइनेंशियल एनालिस्ट एंड स्पेशलिस्ट, इंडस्ट्री स्पेशलिस्ट, कैपिटल मार्केट स्पेशलिस्ट, इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंशियल प्लानर्स और ब्रोकर जैसे कार्यो से जुड़कर अच्छी-खासी कमाई की जा सकती है। तमाम म्यूचुअल फंड और वित्तीय कंपनियां बाजार के नए ट्रेंड पर नजर रखने के लिए कैपिटल मार्केट स्पेशलिस्ट की नियुक्तियां करती हैं। इनका मुख्य काम बाजार के रुख को भांपकर कंपनी के हित में वित्त संबंधी उचित सलाह-मशविरा देना है, वहीं सिक्यूरिटीज एनालिस्ट का काम कंपनी को मार्केट की सही-सही जानकारी देना है। शेयर मार्केट में ब्रोकर का पेशा भी खासा लोकप्रिय है और इससे जुड़कर भरपूर पैसा कमाया जा सकता है।
कैसे होता है कारोबार
यदि आप किसी कंपनी के शेयर खरीदने या बेचने के इच्छुक हैं, तो आपको शेयर ब्रोकर से संपर्क करना होगा। एक तरह से आप समझ सकते हैं कि शेयर ब्रोकर शेयर कारोबार में अहम भूमिका निभाता है। उसे कारोबार करने के लिए सेबी (सिक्यूरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) में अपना नाम पंजीकरण कराना जरूरी है। शेयरों की खरीद-फरोख्त के एवज में ब्रोकर एक निश्चित राशि कमीशन के तौर पर लेता है। सेबी का मुख्य काम निवेशक के हितों की रक्षा करना और शेयर के कारोबार को सुचारु रूप से चलाना है। सेबी यह भी देखती है कि निवेशक नियम और शर्तो का सही ढंग से पालन कर रहा है या नहीं?
कारोबार का संचालन
हमारे देश में शेयर के समूचे कारोबार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) संचालित करता है। इसके अलावा प्रत्येक बड़े शहर में अलग-अलग स्टॉक एक्सचेंज हैं, जो स्थानीय कारोबार में अहम भूमिका निभाते हैं। यदि किसी को अपना शेयर बेचना है, तो उसे बीएसई में दर्ज कराना (लिस्टिंग) जरूरी है। शेयर ब्रोकर कंप्यूटर टर्मिनल से आपस में जुड़े होते हैं। बिकने वाले शेयर बीएसई से जुड़ने के बाद एक साथ देशभर के ब्रोकर कंप्यूटर टर्मिनल पर दिखने शुरू हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में कोई भी ब्रोकर उसे खुद खरीद सकता है या बेचने में मदद कर सकता है।
प्रावधान शुल्क का
जब कोई शेयरधारक शेयर बेचने या खरीदने के लिए ब्रोकर के पास जाता है, तो उसे शुल्क के तौर पर कुछ निश्चित राशि चुकानी होती है। कई बार ब्रोकर कमीशन के तौर पर एक फ्लैट रेट निश्चित कर देता है, जो कुल खरीद-बिक्री का 0.11 प्रतिशत होता है। शेयर में पैसा लगाने वाले इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और फाइनेंशियल एडवाइजर की भी मदद लेते हैं। वह शेयर ब्रोकर भी हो सकता है। ठीक इसी प्रकार एक शेयर ब्रोकर इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और फाइनेंशियल एडवाइजर का काम साथ-साथ देख सकता है। इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और फाइनेंशियल एडवाइजर उचित समय पर पैसा स्टॉक मार्केट में लगाने की सलाह देता है। चूंकि शेयर मार्केट में हमेशा उतार-चढ़ाव आता रहता है, इसलिए लाभ कमाने के सही समय और उचित स्थिति का आकलन जरूरी है। यह काम इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और फाइनेंशियल एडवाइजर ही करता है। एडवाइजर शेयरों की स्थिति पर नजर रखता है और कब तथा कौन से शेयर के भाव बढ़ेंगे, वह इसका भी सटीक अनुमान लगा लेता है।
कमाई है भरपूर
स्टॉक मार्केट से जुड़कर दो तरह से कमाई की जा सकती है-एक इंवेस्टर के रूम में और दूसरा वर्कर के रूप में। इसके अलावा आप ब्रोकर या अन्य संबंधित सेवाओं के रूप में स्वतंत्र रूप से भी काम कर बेहतर कमाई कर सकते हैं। एक निवेशक के लिए शेयर में पैसा लगाना ज्यादा फायदेमंद सौदा है। बैंक या अन्य फिक्स्ड डिपॉजिट राशियों में उतना रिटर्न नहीं है, जितना कि शेयर के धंधे में है। यदि 10 रुपये वाले शेयर का मूल्य एक साल के अंदर 20 रुपये हो जाता है, तो 100 प्रतिशत का लाभ तय है। इसके अलावा, कभी-कभी कंपनी प्रत्येक शेयर पर लाभांश भी देती है। यदि 10 रुपये के शेयर पर कंपनी 5 रुपये लाभांश देती है, तो कुल लाभ 15 रुपये बैठता है अर्थात 150 प्रतिशत का शुद्ध लाभ। यदि शेयरधारक अपने शेयर एक साल के अंदर बेच देता है, तो उसे कुल लाभ का 10 प्रतिशत टैक्स के तौर पर चुकाना होता है। वर्कर के रूप में आप वाणिज्य, अर्थशास्त्र, ऑनलाइन कारोबार आदि के एक्सपर्ट के रूप में शेयर मार्केट का अहम हिस्सा बन सकते हैं और आकर्षक कमाई कर सकते हैं। स्टॉक मार्केट में काम करने वाले स्नातक युवा अमूमन शुरुआती वेतन 10,000 रुपये पाते हैं, जबकि प्रोफेशनल डिग्री वाले व्यक्ति के लिए यह रकम 25,000 तक हो सकती है। किसी बड़े शेयर ब्रोकर के साथ जुड़कर शुरुआत में ही आप 10-15 हजार रुपये मासिक कमा सकते हैं। कारोबार में दक्षता व अनुभव हासिल करने के बाद कुछ ही वर्षो में आपकी कमाई 25 हजार रुपये से ऊपर पहुंच सकती है।
योग्यता
शेयर मार्केट में किसी भी पेशे के लिए वाणिज्य या अर्थशास्त्र में स्नातक होना जरूरी है। इसके अलावा प्रॅफेशॅनल डिग्री बाजार में अपनी पकड़ बनाने के लिए जरूरी है। इन सब के अलावा कारोबारी में कुछ अन्य गुण भी होने चाहिए। इसमें मार्केट की समझ, तर्क-वितर्क और जल्दी निर्णय लेने की क्षमता और ग्राहक को डील करने के हुनर में माहिर होना आपको अच्छा कारोबारी बना सकता है।
प्रमुख शिक्षण संस्थान
द मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ट्रेडिंग इंस्टीटयूट, मुंबई (पीजी डिप्लोमा एंड सर्टिफिकेट कोर्स इन कैपिटल मार्केट स्टडी)
इंस्टीटयूट ऑफ कैपिटल मार्केट डेवलपमेंट, करोल बाग दिल्ली (पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन द फंडामेंटल ऑफ कैपिटल मार्केट डेवलपमेंट)
पुणे यूनिवर्सिटी, गणेश खिंद, पुणे (पीजी डिप्लोमा इन कैपिटल मार्केट स्टडी)
दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली (मास्टर इन फाइनेंस कंट्रोल)
जरूरी है धैर्य, प्लानिंग और रिस्क
शेयर ब्रोकर भरत मलिक कहते हैं कि इस पेशे में यदि धैर्य हो, तो भरपूर कमाई की जा सकती है। आनन-फानन में लाभ कमाने के चक्कर में ही घाटा उठाना पड़ता है। ब्रोकर को अल्प अवधि के साथ-साथ लंबी अवधि की प्लानिंग पर भी ध्यान देना चाहिए। दूसरी ओर अजय कंडोल कहते हैं कि सारा कुछ रिस्क उठाने पर निर्भर है। आप जितना ज्यादा रिस्क उठाएंगे, उतनी ही ज्यादा कमाई करेंगे।

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