टीचर मैम के सच की होगी परीक्षा!

दूसरे जिलों से ट्रांसफर होकर आई कुछ महिला टीचर्स के तबादलों के सच की अब जांच होगी। टीचर्स के तबादलों का सच जानने के लिए शिक्षाविभाग ने बाकायदा पूरी तैयारी कर ली है। और लगातार मिल रही शिकायतों की सच्चई जानने के लिए कोर कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। यदि शिकायतें सही निकली तो टीचर मैम के झूठ की पोल खुलने के साथ ही नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक नोपाराम वर्मा ने बताया कि शिक्षक संगठनों की ओर से लिखित और मौखिक रूप से बाहरी जिलों से स्थानांतरण आदेश लेकर पहुंची कुछ महिला शिक्षकों द्वारा झूठे कारण दिए जाने की शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों की जांच के लिए जिले के आठों ब्लाक शिक्षा अधिकारियों को महिला शिक्षकों की पात्रता की जांच करने के लिए निर्देश दे दिए हैं। अब जिन महिलाओं ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की उन्हें सीधे संस्थाप्रधानों के बजाय ब्लाक शिक्षा अधिकारी द्वारा कार्य ग्रहण करवाया जाएगा। इसके अलावा हाल ही में स्थानांतरित होकर आई टीचर्स की सर्विस बुक और सूची आदेशों से भी मिलान करने के लिए कहा गया है।

क्यों बोलना पड़ा झूठ
पहले नौकरी की चिंता और उसके बाद ट्रांसफर की फिक्र। दूसरे जिलों में कार्यरत महिला टीचर्स को खासी परेशानी उठानी पड़ रही थी। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से विधवा, विकलांग और परित्यक्ता तथा एकल महिलाओं को गृह जिलों में भेजने की व्यवस्था की थी। जानकारों का कहना है कि कई शादी-शुदा महिलाओं ने भी ट्रांसफर के चक्कर में एकल महिला ही आवेदन में भरा था। कुछ महिलाओं ने अन्य बहानों की गलत रिपोर्ट भी पेश की है।

संस्था प्रधान की होगी जिम्मेदारी
टीचर्स के झूठ को पकड़ने के लिए जिस स्कूल के लिए ट्रांसफर हुआ है उसके संस्थाप्रधान को भी अलर्ट किया जाएगा। आदेश के अलावा संबंधित टीचर के विधवा, विकलांग और तलाकशुदा होने के बारे में भी संस्थाप्रधान को जानकारी के लिए कहा जाएगा।

* लगातार शिकायतें मिल रही थी कुछ महिला टीचर्स ने झूठे कारण बताकर स्थानांतरण करवा लिया है। इसकी जांच के लिए बीईईओज को निर्देशित कर दिया है।
– नोपाराम वर्मा, डीईईओ (एलिमेंट्री)

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